होळी आई ओ नणद बाई, थां रे ओ बिरोसा रो चंग बाजणों
ओ तो बाजत बाजत बो गयो.. ओ तो बाजत बाजत बो गयो..
बो तो गयो गयो सुसरो जी री पोळयां ओ रंगीलो चंग बाजणों
बो तो गयो गयो जेठ जी री पोळयां ओ रंगीलो चंग बाजणों
ओ तो आज बाज्यो काल बाज्यो, सें होळी री रात बाज्यो
ऊगंते परभात बाज्यो, दिनान्थ्याँ रे पाण बाज्यो
साथीड़ां रे हेत बाज्यो, उड़न्ते गुलाल बाज्यो
हाँ ओ नणद बाई , थां रे ओ बिरोसा रो ढफ बाजणों
हाँ ओ नणद बाई , थां रे ओ बिरोसा रो चंग बाजणों
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
फागण आयो रसिया
बाजे गाँव गौर में चंग, फागण आयो रसिया
बाजे फागण रो बायरियो, रंगड़ो उड़े रसिया
आ तो घेटे री बणीयोड़ी, ढफ बाजे रसिया
दोन्यूं हाथां में रुमाल, गेरिया नाचे रसिया
होळी आई रे रंगीली, मेहंदी ल्याजो रसिया
म्हाने फागण में तो, प्यारा घणा लागो रसिया
बाजे गाँव गौर में चंग, फागण आयो रसिया
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
होळी आई ओ रंगीलो चंग बाजणों
चंग उदयपुर बजाय, चंग जैपुरिये बजाय,
ओ तो बाजत बाजत बो गयो.. ओ तो बाजत बाजत बो गयो..
बो तो गयो गयो सुसरो जी री पोळयां ओ रंगीलो चंग बाजणों
बो तो गयो गयो जेठ जी री पोळयां ओ रंगीलो चंग बाजणों
ओ तो आज बाज्यो काल बाज्यो, सें होळी री रात बाज्यो
ऊगंते परभात बाज्यो, दिनान्थ्याँ रे पाण बाज्यो
साथीड़ां रे हेत बाज्यो, उड़न्ते गुलाल बाज्यो
हाँ ओ नणद बाई , थां रे ओ बिरोसा रो ढफ बाजणों
हाँ ओ नणद बाई , थां रे ओ बिरोसा रो चंग बाजणों
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
फागण आयो रसिया
बाजे गाँव गौर में चंग, फागण आयो रसिया
बाजे फागण रो बायरियो, रंगड़ो उड़े रसिया
आ तो घेटे री बणीयोड़ी, ढफ बाजे रसिया
दोन्यूं हाथां में रुमाल, गेरिया नाचे रसिया
होळी आई रे रंगीली, मेहंदी ल्याजो रसिया
म्हाने फागण में तो, प्यारा घणा लागो रसिया
बाजे गाँव गौर में चंग, फागण आयो रसिया
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
होळी आई ओ रंगीलो चंग बाजणों
चंग उदयपुर बजाय, चंग जैपुरिये बजाय,
चंग मारवाड़ बजाय , ओ तो बाजे बाजे फागण माय,
रंगीलो चंग बाजणु
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
होळी रो त्युंहार पेलो रे
गौरी थारे गांव रो, गेंवाळ गेले आयो रे
हाले तूँ तो पिवरिये , त्युंहार पेलो रे
के महीनो फागण रो
हाँ रे महीनो फागण रो
होळी रो त्युंहार पेलो रे
आडो टेढ़ो बोलतो रे , उभे मारग आयो रे
आई सागे एकली , पिछताओ आयो रे
के मारग मेड़ते, हाँ रे मारग मेड़ते
परणी'ज ने पराई हूगी रे
के मारग मेड़ते
------------------------------------------------------------------------------------------------------
लाल कैसा, लाल कैसा
आई आई उन्याळे री आस रे
बड़ले री डाळी में हिण्डो माण्डस्यां रे
सुण ये , सुण ये
होइ होइ होळी री हुल्लास रे
डंडिया खेलालां माणक चौक में रे
देऊं रे , देऊं रे
लाडली ने चंग म्हें मंढाय रे
टांको तो दिराऊं गेहरे हेत रो रे।
रंगीलो चंग बाजणु
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
होळी रो त्युंहार पेलो रे
गौरी थारे गांव रो, गेंवाळ गेले आयो रे
हाले तूँ तो पिवरिये , त्युंहार पेलो रे
के महीनो फागण रो
हाँ रे महीनो फागण रो
होळी रो त्युंहार पेलो रे
आडो टेढ़ो बोलतो रे , उभे मारग आयो रे
आई सागे एकली , पिछताओ आयो रे
के मारग मेड़ते, हाँ रे मारग मेड़ते
परणी'ज ने पराई हूगी रे
के मारग मेड़ते
------------------------------------------------------------------------------------------------------
लाल कैसा, लाल कैसा
आई आई उन्याळे री आस रे
बड़ले री डाळी में हिण्डो माण्डस्यां रे
सुण ये , सुण ये
होइ होइ होळी री हुल्लास रे
डंडिया खेलालां माणक चौक में रे
देऊं रे , देऊं रे
लाडली ने चंग म्हें मंढाय रे
टांको तो दिराऊं गेहरे हेत रो रे।
No comments:
Post a Comment